संचिता को लाइव सुनने के लिए लोग शाम छह बजे से ही रिज मैदान पर जुटने लगे थे। रात करीब 9:30 बजे संचिता मंच पर पहुंचीं, पूरा मैदान सीटियों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संचिता भारद्वाज ने सुन रहा है तू… रो रही हूं मैं... तेरी गलियां... सैयारा रे तू... झूम-झूम-झूम बाबा...माहे ने मेरिये शिमले दी राहे चंबा कितनी के दूर... और दम मारो दम...जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरी। विंटर कार्निवल की छठी संध्या का शुभारंभ रात 7 बजे हुआ। करीब 8:28 बजे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान हिमाचल की प्रसिद्ध पहाड़ी गायिका ममता भारद्वाज, रमेश चंद्र, पम्मी ठाकुर, संजीव धीमान, रमेश कटोच, बीरबल किन्नौरा और पंजाबी गायक पारस बैंस ने भी अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बना दिया।
रात 8:50 बजे इशांत भारद्वाज ने कांगड़ा और चंबायली लोकगीतों से धमाल मचाया। मांदे-मांदे हस्यन न माए, डिम-डिम, बिंद्रा बना बो खेरी बोदरियो, नीरू चाली घुमदी, नीलिमा नीलिमा और पानी री टंकी जैसे गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, वाइस चेयरमैन एचपीएसआईडीसी अनुराग शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज, उपमहापौर उमा कौशल, आयुक्त भूपेंद्र अत्री, संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा, सीएचओ डॉ. अंजलि चौहान सहित कई पार्षद और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।