हिमाचल प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर में मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में विभाग ने लोगों से नदी नालों से दूर रहने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश से शिमला में चमियाना अस्पताल जाने वाली सड़क मलबा गिरने से बंद हो गई है। वहीं, भट्टाकुफर में भी गाड़ियों पर पत्थर गिरे हैं। इसके साथ ही संजौली वार्ड के बॉथवेल इलाके में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान पर मलबा गिर गया है। इसके चलते इस घर में रह रहे मां बेटी अंदर फंस गए हैं। मेयर पार्षद समेत प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीसी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल बंद रखें। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। मौसम विभाग ने जिला सोलन, सिरमौर, कांगड़ा एवं मंडी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मंत्री जगत सिंह नेगी बोले- सभी जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन इकाइयां हाई अलर्ट पर
हिमाचल प्रदेश के मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य में अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश पर कहा कि शिमला, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश हुई है, जिसका कुछ असर कुल्लू क्षेत्र में भी पड़ा है। अचानक आई बाढ़ से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। धर्मशाला (कांगड़ा जिला) में एक बिजली परियोजना स्थल पर नौ लोग अचानक आई बाढ़ में फंस गए, आठ बह गए और एक बच गया। अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से एक की आज पहचान हुई है। कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क, पेयजल योजनाएं और बिजली लाइनें भी प्रभावित हुई हैं। सड़क संपर्क, बिजली और जल व्यवस्था को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। सोमवार को एक समीक्षा बैठक निर्धारित की गई है, जिसमें राजस्व और आपदा प्रबंधन, पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी शामिल होंगे, जो स्थिति का आकलन करेंगे और आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे। सभी जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिसमें क्षेत्रीय और तहसील स्तर के अधिकारी, विशेष रूप से राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ शामिल हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर, जबकि सोमवार को सिरमौर, सोलन, शिमला और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। एक से 4 जुलाई तक बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। सोलन, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की भी आशंका जताई गई है।
शनिवार को भी राजधानी शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है। मंडी, हमीरपुर और ऊना में भी बादल बरसे हैं। बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में अभी भी 38 सड़कें बंद हैं। मानसून के हिमाचल में दस्तक देने के बाद अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी हुई है। सैंज बैराज, पार्वती-3 और पार्वती-2 बिजली परियोजनाओं में सिल्ट बढ़ने से उत्पादन बंद हो गया है। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करीब 70 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा मानसून सीजन में 20 से 28 जून के बीच सड़क हादसों में भी 17 लोगों की मौत हुई है व 74 घायल हुए हैं।
ये भी पढ़ें- HP Cabinet Decisions: जेई व प्रवक्ता भर्ती के लिए गैर हिमाचली पात्र नहीं, मल्टी टास्क वर्करों को तोहफा