सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भूस्खलन की चपेट में आए घरों के मलबे में दबे लोगों के परिजनों से मिले और हर संभव मदद को भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मलबे में दबकर जिन लोगों की माैत हुई है, उनके शव हेलिकाप्टर से कश्मीर पहुंचाए जाएंगे। उधर, किन्नौर जिले के पूह खंड के लिप्पा गांव के साथ लगती पेजर खड्ड में वीरवार दोपहर को अचानक बाढ़ आने कृत्रिम झील बन गई है। इसका पानी बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ के चलते कई घरों, पेयजल स्रोतों, कूहलों और सेब के हजारों पौधों को भारी क्षति पहुंची है।
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की चपेट में आए घरों के मलबे में दबे आठ लोगों में से एक स्थानीय निवासी महिला और दो कश्मीरी श्रमिकों के शव बरामद हो गए हैं। एनडीआरएफ व पुलिस के जवान मलबे में दबे पांच अन्य लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं। खराब मौसम के चलते चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर वीरवार को हादसे का शिकार हुए कार सवार दो युवकों के शव भी परिजनों को सौंप दिए हैं। उधर, वायुसेना के चिनूक हेलिकाप्टर से तीन मणिमहेश यात्रियों के तीन शव भरमौर से चंबा लाए गए। वहीं, भरमौर अस्पताल में रखे दो और शव चंबा लाएंगे।
बारिश और भूस्खलन के चलते तीन नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में अभी भी 1087 सड़कें अवरुद्ध हैं। मंडी से कुल्लू के बीच अवरुद्ध चंडीगढ़-मनाली हाईवे शुक्रवार दोपहर को पांच दिन बाद बहाल हो गया है। कुल्लू की तरफ सबसे पहले मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता दी गई। ये वाहन कई दिनों से फंसे थे। हाटकोटी-पांवटा एनएच भी सात दिन बाद बहाल हो गया है। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर पांच दिन बाद शनिवार से ट्रेनें फिर से दौड़ना शुरू हो जाएंगी। शुक्रवार को कालका से सलोगड़ा तक ट्रायल के तौर पर मालगाड़ी चलाई गई। ट्रैक के समीप पड़ी दरारें ठीक कर दी हैं।
शनिवार को कम बुकिंग के चलते तीन अप और तीन डाउन की बुकिंग वाली ट्रेनें ही चलाई जाएंगी। कांगड़ा में साफ मौसम के बीच गगल हवाई अड्डा के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से चार उड़ानें पहुंचीं। प्रदेश में 2838 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली नहीं है।