फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: विक्रमादित्य सिंह बोले- शहरों में बनेंगे म्यूनिसिपल सर्विस सेंटर, एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सेवाएं

Fri, 24 Oct 2025 09:40 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार की म्यूनिसिपल शेयरड सर्विस सेंटर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रदेश के चयनित शहरों में म्यूनिसिपल सर्विस सेंटर बनेंगे।
विज्ञापन
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार की म्यूनिसिपल शेयरड सर्विस सेंटर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रदेश के चयनित शहरों में म्यूनिसिपल सर्विस सेंटर बनेंगे, जहां नागरिकों को एक ही जगह पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, संपत्ति कर भुगतान, कचरा बिल और अन्य सेवाएं मिल सकेंगी। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि पिछले महीने केरल दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से योजना के लिए आग्रह किया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी। योजना के तहत 23.5 करोड़ की पहली किस्त मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को 20,000 रुपये तक का ऋण देने पर चर्चा हुई। हिमाचल में अब तक 19 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जिससे 3,500 स्ट्रीट वेंडरों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि राज्य की परफॉर्मेंस इस योजना में अन्य राज्यों के मुकाबले कमजोर रही है, जहां 20 से 25 हजार लोग चयनित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को शिमला, मनाली, धर्मशाला, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ जैसे प्रमुख शहरों में स्ट्रीट वेंडरों का चयन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए क्यूआर कोड पंजीकरण प्रणाली का उपयोग करने की हिदायत दी ताकि चयन प्रक्रिया में किसी तरह का विवाद न हो।
 

विज्ञापन

ठियोग में एनएच पर हुई टारिंग की जांच के आदेश
ठियोग में नेशनल हाईवे पर हो रही टारिंग की जांच होगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एनएच के चीफ इंजीनियर से इसकी रिपोर्ट मांगी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़कों की टारिंग की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। अगर इस मामले में कोई दोषी पाया गया तो प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़क की टारिंग के लिए केंद्र सरकार की ओर से 4 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने खुद केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर सड़क के लिए राशि मंजूर करवाई थी।

प्रदेश सरकार को इस सड़क पर की गई टारिंग के उखड़ने की शिकायत मिली है। ऐसे में इसकी जांच करने को कहा गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सप्ताह के भीतर इस पूरे मामले की रिपोर्ट आएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने पहले ही लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जब भी सड़क का निर्माण होगा, ठेकेदारों के कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर विभाग के इंजीनियर की मौजूदगी आवश्यक रहेगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ठेकेदार के अलावा लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें