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Himachal Pradesh: हवलदार अरुण कुमार पंचतत्व में विलीन, बेटियों ने सीने से लगाई पिता की वर्दी और तिरंगा

Thu, 14 Aug 2025 05:17 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।

सार

Una Havildar Arun Kumar Last Rites : गुरुवार को ऊना जिले के चताड़ा गांव के हवलदार अरुण कुमार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर सेना द्वारा अरुणाचल प्रदेश से एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ लाया गया, जिसे वीरवार सुबह फूलों से सजी विशेष सेना की गाड़ी में पैतृक गांव पहुंचाया गया। पढ़ें पूरी खबर...
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पैतृक गांव चताड़ा पहुंचा हवलदार अरुण कुमार का पार्थिव शरीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ऊना जिले के चताड़ा गांव के हवलदार अरुण कुमार उर्फ लक्की का अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान देहांत हो गया। गुरुवार को उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर सेना द्वारा अरुणाचल प्रदेश से एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ लाया गया, जिसे वीरवार सुबह फूलों से सजी विशेष सेना की गाड़ी में पैतृक गांव पहुंचाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव की सीमा में पहुंचा। पूरा चताड़ा गांव गम और सम्मान की भावना से भर उठा। सैकड़ों ग्रामीण, परिजन और आसपास के इलाकों से आए लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर हाथ में तिरंगा लहरा रहा था और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के नारों से आसमान गूंज उठा। जवान अरुण कुमार की दोनों बेटियों ने तिरंगे में लिपटी अपने पिता की वर्दी को सीने से लगा लिया। इस भावुक पल ने हर किसी के आंखें नम कर दी।

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गांव की गलियों से गुजरते हुए सेना की गाड़ी को हर मोड़ पर लोग खड़े होकर उन्हें अंतिम विदाई दे रहे थे। जब पार्थिव शरीर घर के आंगन में पहुंचा, तो माहौल भावुक हो गया। मां अपने बेटे को देखकर बेसुध हो गईं, पिता के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पत्नी और बच्चों का दर्द देखकर हर किसी की आंखें भर आईं, जबकि भाई और अन्य परिजन गहरे शोक में डूब गए। इस दुखद घड़ी में सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर और डीसी ऊना जतिन लाल भी गांव पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। सेना के अधिकारियों और जवानों ने भी पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैंकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते जब तक सूरज-चांद रहेगा, लक्की फौजी तेरा नाम रहेगा के नारे गूंजते रहे। गम और सम्मान के इस मिश्रित माहौल में गांव के श्मशान घाट पर सैन्य रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां चार वर्षीय बेटे व भाई ने मुखाग्रि दी। इस मौके पर जवान की बेटियां भी मौके तिरंगा झंडा लेकर खड़ी रही।
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सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के जवान देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा में हमेशा अग्रणी रहते हैं। हवलदार अरुण कुमार ने अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाई और देश की सेवा में अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उधर, विधायक विवेक शर्मा ने भी हवलदार अरुण कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरुण कुमार का योगदान न केवल सेना के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा है।
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