नए नियमों के तहत मुख्यमंत्री पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद के चेयरमैन होंगे, जबकि पर्यटन मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। मुख्य सचिव, वित्त सचिव, उद्योग सचिव, पर्यावरण सचिव, नगर एवं ग्राम नियोजन सचिव समेत कुल 14 वरिष्ठ अधिकारी परिषद के सदस्य होंगे। परिषद की बैठक हर महीने एक बार अनिवार्य रूप से होगी। नए नियमों के अनुसार निवेशक को आवेदन फार्म-1 के साथ डीपीआर, भूमि संबंधी दस्तावेज, सड़क व पानी की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, ढलान स्थिरीकरण प्लान और अन्य आवश्यक विभागीय एनओसी लगानी होगी। नोडल अधिकारी आवेदन प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर जांच करेंगे। यदि दस्तावेजों में कोई कमी मिलती है तो निवेशक को 14 दिन में दस्तावेज पूरे करने होंगे। सभी विभागीय अनुमतियां मिलने के बाद परियोजना को अधिकतम 45 दिनों में मंजूरी देने का प्रावधान किया गया है।
नियम-9 के तहत रियल एस्टेट आधारित पर्यटन परियोजनाओं के लिए 20 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है। यह फीस नॉन रिफंडेबल होगी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद उसे 36 महीनों में पूरा करना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर परिषद 24 महीनों की अतिरिक्त मोहलत दे सकती है, लेकिन इसके लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त फीस का निवेशक को भुगतान करना होगा।