स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल (फाइल फोटो)।
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उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल में रेहड़ी-फड़ी पर पहचानपत्र लगाना अनिवार्य करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह का समर्थन किया है।
सोलन में पत्रकारों के सवाल में डॉ. शांडिल ने कहा कि यह सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि वह इसके पक्षधर हैं कि हम एक सुरक्षित प्रदेश बनाएं। अगर प्रदेश को सुरक्षित बनाना है तो इसके लिए यह पता लगाना जरूरी है कि कौन कहां से किस भावना के साथ आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब वह सेना में थे तो मैडम सुजाया मुख्य सचिव होती थीं। उस समय सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ा सम्मेलन हुआ था। इसमें वह भी शामिल हुए थे। उस समय भी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं हुई थीं।
डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्य सवाल यह है कि कौन कैसे हमारे बीच किस भावना के साथ आ रहा है, यह जानना जरूरी है। हमें सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनी पहचान को बरकरार रखना होगा। गौरतलब है कि लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि हिमाचलियों सहित प्रवासियों को अपनी रेहड़ी-फड़ी पर पहचानपत्र लगाना अनिवार्य होगा। उनके इस बयान के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है।