इसमें ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध होगी। संस्थान के भवन का नक्शा तैयार कर लिया गया है और अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। लोक निर्माण विभाग ने प्रोजेक्ट का वर्किंग एस्टीमेट तैयार कर लिया है। इस संस्थान के निर्माण पर लगभग 222 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे नॉर्थ जोन का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल बनने जा रही है।
लगभग 20 कनाल में इस संस्थान के तीन ब्लाक बनेंगे जो कि एक-दूसरे से रैंप के जरिये कनेक्ट होंगे। संस्थान में 265 बेड की सुविधा होगी, जिनमें से मेडिकल, सर्जिकल सहित तीन आईसीयू वार्ड बनेंगे। इसके अलावा डे केयर यूनिट, रेडिएशन और कीमोथैरेपी ब्लॉक, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, डायग्नोस्टिक लैब, रिसर्च यूनिट और प्रशासनिक कार्यालय भी भवन का हिस्सा होंगे। बेसमेंट एक में अटॉप्सी, साइटो, जेनेटिक, हेमोटो पैथोलॉजी और रेडियो एक्टिव वेस्ट स्टोरेज बनेंगे। बेसमेंट दो में डे केयर यूनिट, बोन मैरो ओपीडी, ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी, रेडिशन थैरेपी वार्ड बनेगा।
मिलेगा उन्नत उपचार
अब तक कैंसर के गंभीर मरीजों को चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था। इस अस्पताल के शुरू होने से न केवल हिमाचल बल्कि पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के मरीजों को भी उन्नत उपचार मिलेगा।
न्यूक्लियर मेडिसिन ओपीडी और लैब की सुविधा
संस्थान में रेडिएशन थैरेपी, पीईटी स्कैन, एमआरआई, सीटी स्कैन, कीमोथैरेपी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, और न्यूरो ऑन्कोलॉजी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। यहां कैंसर रिसर्च सेंटर और ट्रेनिंग फैसिलिटी भी विकसित की जाएगी, जहां डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। संस्थान में न्यूक्लियर मेडिसिन का विशेष विभाग होगा। न्यूक्लियर लैब और साइक्लोट्रॉन की सुविधा भी मिलेगी। शोध भी होंगे।
जल्द होंगे टेंडर: लोक निर्माण विभाग नादौन के सहायक अभियंता पंकज कौशल ने कहा कि जल्द ही टेंडर लगा दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि 90 करोड़ की राशि लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई है। यह संस्थान नाॅर्थ जोन का सबसे बड़ा संस्थान होगा।