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Himachal Pradesh: अंतरजातीय विवाह पर उपजा विवाद, लड़की के पिता को आया चक्कर; थाने के बाहर धरने पर बैठे लोग

Fri, 28 Mar 2025 08:19 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, राजगढ़ (सिरमौर)।

सार

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में अंतरजातीय विवाह के कारण विवाद पैदा हो गया है। देव भूमि स्वर्ण मोर्चा एवं क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष रुमित ठाकुर समेत ब्राह्मण समाज के लोग भी धरने पर बैठे हुए हैं। बता दें कि लड़का अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। 
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राजगढ़ में अंतरजातीय विवाह के मामले में धरने पर बैठे देवभूमि क्षत्रिय संगठन के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजगढ़ की ग्राम पंचायत में एक अंतरजातीय विवाह के मामले को लेकर देव भूमि स्वर्ण मोर्चा एवं क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष रुमित ठाकुर व उनके समर्थकों ने पुलिस थाने में धरना दिया। शुक्रवार को रुमित ठाकुर करीब 200 समर्थकों सहित 1:30 बजे पुलिस थाना पहुंचे तथा वहां धरने पर बैठे गए और खबर लिखे जाने तक बैठे हुए हैं। वह पुलिस प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वह लड़की जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज पहले दर्ज हुई है उसे उसके मां-बाप के सामने थाने में लाया जाए वह तभी यहां से जाएंगे।

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राजगढ़ उपमंडल के अंतर्गत ग्राम कनेच के अनुसूचित जाति के लड़का मांडियाघाट निवासी ब्राह्मण की लड़की को 26 मार्च को राजगढ़ से भगा कर ले गया और इन दोनों ने उसी दिन पंडित के समक्ष नाहन में शादी कर ली। इन दोनों ने 27 मार्च को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करके सुरक्षा की मांग की।

स्वर्ण समाज के लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में अंतरजातीय विवाह की राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपये किए जाने का भी विरोध किया और इस घटना को उसी का परिणाम बताया। इस दौरान राजगढ़ ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष हरदेव भारद्वाज सहित कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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लड़की के परिजनों ने पंडित की ओर से जारी विवाह प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए बताया कि उनकी लड़की 26 मार्च को राजगढ़ में कंप्यूटर सेंटर गई थी और करीब दो बजे तक वहीं थी लेकिन जो विवाह प्रमाण पत्र पंडित से बनवाया गया है उसमें 26 मार्च की तारीख लिखी गई है और समय सायं पांच बजे लिखा गया। परिजनों का कहना है कि राजगढ़ से नाहन किसी वाहन से जाने पर भी चार घंटे लग जाते हैं जिससे यह साबित होता है कि यह फर्जी तरीके से कार्य हुआ है।

डीएसपी वीसी नेगी से संपर्क करने पर उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को समझाया है कि लड़का व लड़की दोनों बालिग हैं और कानून उन्हें विवाह या साथ रहने का अधिकार देता है। इसलिए पुलिस उन्हें जबरदस्ती लाकर मां-बाप को नहीं सौंप सकती है, यदि लड़की नाबालिग होती तो यह संभव था।

लड़की के पिता को आया चक्कर
इसी दौरान लड़की के पिता को थाने में ही चक्कर आ गया, जहां से उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। खाली पेट होने व बीपी बढ़ने से यह समस्या आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है।
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