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Sanjauli Mosque Case: नहीं टूटेगी संजौली मस्जिद! सेशन कोर्ट ने फैसले पर लगाई रोक; जानें पूरा मामला

Mon, 26 May 2025 03:16 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला

सार

Sanjauli Mosque Case: संजौली में स्थित मस्जिद को लेकर जिला अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नगर निगम शिमला आयुक्त कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाते हुए अगली सुनवाई के लिए 29 मई 2025 की तिथि तय की है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला के संजौली की मस्जिद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के विवादित संजौली मस्जिद को तोड़ने के नगर निगम आयुक्त के आदेशों पर सेशन कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। वक्फ बोर्ड ने 3 मई को नगर निगम आयुक्त कोर्ट के मस्जिद गिराने के फैसले को चुनौती दी थी। इस याचिका पर सोमवार को जिला अदालत चक्कर कोर्ट में सुनवाई हुई। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वक्फ बोर्ड की अपील को स्वीकार करते हुए निगम आयुक्त के आदेशों पर स्टे लगा दिया है। अब यह मामला 29 मई को फिर से सुना जाएगा। साथ ही अगली सुनवाई में नगर निगम शिमला को रिप्लाई फाइल करना है। वहीं देवभूमि संघर्ष समिति ने अदालत में दायर कैविएट को वापस ले लिया है। अब सबकी नजरें अगली सुनवाई तक टिक गई है।

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हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड की तरफ से 17 मई को आयुक्त कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के लिए जिला अदालत में स्टे ऑर्डर जारी करने की मांग की गई है। इसके बाद, 19 मई को मामले की सुनवाई में अदालत ने संजौली मस्जिद कमेटी के प्रधान को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया था। साथ ही नगर निगम शिमला को समन जारी करते हुए फैसले का रिकार्ड तलब किया था, लेकिन 23 मई को मामले में सुनवाई में न संजौली मस्जिद कमेटी के प्रधान उपस्थित हुए और न ही एमसी शिमला की तरफ से कोई अधिवक्ता पेश हुआ। जिसके बाद अदालत ने एमसी शिमला को दोबारा नोटिस जारी करते हुए एमसी आयुक्त कोर्ट के फैसले का रिकार्ड तलब करते हुए 26 मई को अदालत में पेश होने का समन जारी किया था। सोमवार को नगर निगम शिमला ने आयुक्त काेर्ट के फैसले का रिकार्ड अदालत में पेश किया।

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उल्लेखनीय है कि संजौली मस्जिद मामला करीब 16 साल तक शिमला के नगर निगम आयुक्त कोर्ट में चलता रहा। इस दौरान 50 से भी ज्यादा बार इस केस पर सुनवाई हुई। अब हाईकोर्ट की दखलअंदाजी के बाद इस केस में नगर निगम आयुक्त ने बीते 3 मई को फैसला सुना दिया है। जिसमें आयुक्त ने पूरी मस्जिद को गैर कानूनी बताते हुए इसकी निचली दो मंजिल भी तोड़ने के आदेश दिए है। मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिल को तोड़ने के आदेश बीते साल 5 अक्तूबर को दिए जा चुके है। हालांकि, आयुक्त कोर्ट ने इसे तोड़ने के आदेश देने से पहले वक्फ बोर्ड को कई बार मस्जिद की जमीन पर मालिकाना हक के कागज देने और मस्जिद का नक्शा देने का मौका दिया था, लेकिन वक्फ बोर्ड इसके कागज पेश नहीं कर पाया। इसके साथ ही मस्जिद का नक्शा और किसी भी तरह की एनओसी भी मस्जिद कमेटी ने निगम कोर्ट को नहीं दी। जबकि वक्फ बोर्ड लंबे समय तक जमीन पर मालिकाना हक का दावा करता रहा है।
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दो गुटों में लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया था मामला
31 अगस्त 2024 को शिमला के मेहली में दो गुटों में मारपीट के बाद से मस्जिद विवाद गरमाया। इस लड़ाई में छह मुस्लिम लड़कों ने एक स्थानीय की पिटाई की और मस्जिद में जाकर छिप गए। इसके बाद 1 और 5 सितंबर 2024 को शिमला में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। 11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन किया गया। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में भी प्रदर्शन शुरू हुए और लोग सड़कों पर उतरे। इस बीच 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम आयुक्त कोर्ट में पहुंची और खुद ही मस्जिद का अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 3 मई को एमसी कोर्ट ने इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय ले लिया है।
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