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हिमाचल प्रदेश: मां ने रात डेढ़ बजे पुलिस को किया फोन, नशेड़ी बेटे को ले जाओ जेल; मर न जाए इसलिए लगाई गुहार

Fri, 25 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Himachal Drug Addiction : हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के दलदल में युवा धंसते जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि परिजनों को पुलिस तक से सहायता मांगनी पड़ रही है। चिट्टे के आदी युवाओं के अभिभावक लाडलों की नशे की लत के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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चिट्टा (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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साहब... मेरे नशेड़ी बेटे को जेल ले जाओ, नहीं तो वह मर जाएगा। एक बेबस मां ने खुद पुलिस को फोन करके अपने ही बेटे को सलाखों के पीछे भेजने की गुहार लगाई है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस कदर युवा नशे के दलदल में धंसते जा रहे हैं। अभिभावक भी बेबस हैं।

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जिला शिमला के रहने वाले युवक को पुलिस ने कुछ समय पहले ही नशा तस्करी गिरोह के साथ संलिप्तता के मामले में गिरफ्तार किया था। जमानत मिलने के बाद जब युवक बाहर निकला तो उसने फिर से नशा लेना शुरू कर दिया है। रात करीब डेढ़ बजे एसएसपी शिमला को फोन करके मां ने बताया कि उसे चिंता इस बात की है कि अगर वह इसी तरह से नशे का सेवन करता रहा तो वह असमय मौत का शिकार हो जाएगा। इसी वजह से वह चाहती है कि बेटा जेल में ही रहे, लेकिन किसी तरह से उसकी जान बच जाए।

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यह कोई अकेला मामला नहीं है, जब चिट्टे के आदी युवाओं के अभिभावक इस तरह से लाडलों की नशे की लत के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। जिले में कई ऐसे अभिभावक हैं, जो उनके बच्चों के नशे की लत के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। कई मामलों में इकलौती औलाद चिट्टे का नशा लेकर ओवरडोज से काल का ग्रास बन चुकी है, तो वहीं इस नशे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है।

एक भाई की नशे से मौत, दूसरा भी चिट्टे का आदी
शिमला शहर में विगत दिनों पुलिस ने दो युवकों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि इसमें से एक आरोपी के भाई की पहले ही चिट्टे की ओवरडोज के कारण मौत हो चुकी है और वह भी खुद नशे का आदी हो चुका है। अकेली मां ने दोनों बच्चों को इस उम्मीद से पाल पोसकर बड़ा किया था कि वह उसके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे लेकिन नशे की लत ने दोनों युवाओं को ऐसे मोड़ पर ला दिया कि एक बेटे की मौत हो चुकी है और दूसरा बेटा नशे की लत का शिकार होने के साथ ही चिट्टा तस्करी के मामले में सलाखों के पीछे पहुंच गया है। इसी तरह से कई ऐसे परिवार हैं, जिनके नौजवान बच्चों को यह नशा लील चुका है।

शहर में सात युवाओं की नशे की ओवरडोज से हो चुकी है मौत
शिमला शहर में ही पिछले कुछ समय में ही सात युवाओं की नशे की ओवरडोज से मौत के मामले सामने आ चुके हैं। वास्तविकता में नशे से ओवरडोज से मौत के मामले कहीं ज्यादा हैं, लेकिन ज्यादातर मामले पुलिस के संज्ञान में नहीं आते हैं। परिवार लोकलाज के कारण इस तरह के मामलों में पुलिस को सूचना ही नहीं देते हैं।
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चिट्टे का नशा युवाओं की अकाल मृत्यु का कारण बन रहा है। पुलिस नशा तस्करी को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस की अपील है कि नशा तस्करी के से संबंधित सूचना पुलिस से साझा करें, जिससे की नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। - संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला
 
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