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Himachal Scholarship Scam: निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों पर गिरफ्तारी की तलवार, खंगाले जा रहे बैंक खाते

Wed, 05 Feb 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में यह गबन वर्ष-2012 से 2017 के मध्य हुआ था। धन शोधन मामले में ईडी की टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है। 
 
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छात्रवृत्ति घोटाला - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थानों पर गिरफ्तार की तलवार लटक गई है। हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के एमडी रजनीश के भाई विकास बंसल और इंस्टीट्यूट और टेक्नालॉजी एंड फ्यूचर मैनेजमेंट ट्रेंड्स (आईटीएफटी) के संचालक गुलशन शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में और निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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प्रवर्तन निदेशालय दोनों आरोपियों से पूछताछ कर जांच में आगे बढ़ रही है। नए सिरे से इस मामले की जांच के साथ इस मामले में संलिप्त निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों के खाते खंगाले जा रहे हैं। 29 निजी शिक्षण संस्थानों पर छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप लगे हैं।

हिमाचल प्रदेश में यह गबन वर्ष-2012 से 2017 के मध्य हुआ था। धन शोधन मामले में ईडी की टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है। प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली और शिमला शाखा के अधिकारी इस मामले की नई सिरे से जांच कर रहे हैं। इस घोटाले में सीबीआई ने शिमला ईडी शाखा में सहायक निदेशक रहे विशालदीप और सीबीआई शिमला शाखा में डीएसपी रहे बलबीर सिंह को गिरफ्तार की जा चुकी है।
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कालाअंब स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संचालक रजनीश बंसल और एक अन्य संचालक मोहाली निवासी भूपेंद्र सिंह ने रिश्वत मांगने के संबंध में शिकायत सीबीआई को दी थी। इसके बाद 23 नवंबर 2024 को सीबीआई की टीम ने ईडी सहायक निदेशक विशालदीप के भाई विकास दीप को 54 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ जींद में एक होटल से गिरफ्तार कर लिया था।

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