राजधानी शिमला, धर्मशाला, नाहन, मनाली, चंबा में मंगलवार को बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। 15 घंटे तक एनएच-पांच भी बंद रहा। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 75 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। 43 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे। बुधवार और वीरवार को अधिकांश जिलों में भारी बारिश जारी रहने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। कालका-शिमला फोरलेन पर कंपनी ने कई जगह पर केवल एक लेन से ही वाहनों की आवाजाही जारी रखी है। रोहतांग, कुंजम दर्रा, बारालाचा में मंगलवार को बर्फ के फाहे भी गिरे। कुल्लू में सेब तुड़ान भी बारिश से रूक गया है।
भारी बारिश के कारण निगुलसरी में एनएच-5 पर करीब 15 घंटे और नाथपा में 10 घंटे तक यातायात बंद रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। निगुलसरी में सोमवार शाम करीब सात बजे और नाथपा में रात करीब एक बजे पहाड़ी दरकने से यातायात ठप हुआ। निगुलसरी में 100 मीटर और नाथपा में 80 मीटर एनएच पर मलबा गिरा। मंगलवार सुबह करीब छह बजे से प्राधिकरण ने दोनों स्थानों पर एनएच पांच को बहाल करने का काम शुरू किया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 11:00 बजे एनएच पांच बहाल किया गया। जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में भारी बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है। चंबा जिला में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश होने से चुराह उपमंडल के साथ लगते साच पास और खजुआ बिहाली के ऊपरी पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। मूसलाधार बारिश से भरमौर-पठानकोट हाईवे पर मलबा और पत्थर गिरते रहे हालांकि यातायात व्यवस्था बाधित नहीं हुई। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कुछ समय के लिए मौसम खुलने के चलते 15 हवाई उड़ानें ही हो पाई। इससे हवाई उड़ानों के जरिए गौरीकुंड पहुंचने की चाह रखने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह बारिश हुई। दोपहर बाद फिर शहर में बादल बरसे।
कालाअंब में नदी में फंस गए तीन बच्चे, रेस्क्यू किए
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मंगलवार सुबह हुई तेज मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर रहे। इसी बीच खैरी क्षेत्र में बहने वाली बरसाती नदी में 3 प्रवासी बच्चों के फंसने की सूचना कालाअंब पुलिस को मिली। बताया जा रहा है कि बच्चे नदी में खेल रहे थे कि तभी अचानक नदी में बाढ़ आ गई और बच्चे नदी में फंस गए। इन्हें रेस्क्यू किया गया।