शिकायत के मुताबिक यह आभूषण शुद्ध सोने के नहीं हैं और इन पर सोने की कोटिंग की गई है। नकली आभूषणों की बात सामने आने पर बैंक प्रबंधन ने मामले की शिकायत सदर पुलिस में दर्ज करवाई। बैंक के मुताबिक ऋण राशि और ब्याज सहित बैंक को इससे करीब 20,04,400 रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। बैंक के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि गोल्ड लोन देने से पहले बैंक सोने की जांच करता है। इसमें किसी सुनार से सोने की जांच करवाई जाती है। सुनार जांच के बाद सर्टिफिकेट जारी करता है कि आपका सोना कितने कैरेट का है। इसके अलावा बैंक के पास भी सोने की जांच के लिए किट होती है। इसमें नाइट्रिक एसिड और स्टोन टच विधि से सोने की गुणवत्ता को जांचा जाता है।