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Himachal News: तकनीकी गड़बड़ियों के चलते पुलिस विभाग का बी-1 परीक्षा रद्द, जल्द जारी की जाएगी अगली तारीख

Sun, 26 Oct 2025 04:25 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश पुलिस की आगामी B-1 परीक्षा को तकनीकी गड़बड़ियों के चलते रद्द कर दिया गया है। करीब 4,461 जवान यह परीक्षा दे रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश पुलिस। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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अभ्यार्थियों को हुई असुविधा के लिए खेद : पीएचक्यू
प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने परीक्षा रद्द होने पर अभ्यर्थियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। जल्द ही परीक्षा की नई तिथियां निर्धारित कर घोषित की जाएंगी। मुख्यालय की ओर से कहा गया कि अभ्यर्थी अपने जिला पुलिस कार्यालयों और हिमाचल पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया संचार साधनों से सूचनाएं प्राप्त करें।

जयराम ठाकुर बोले- बिना इंतजाम करवा दी परीक्षा, सरकार की नाकामी व खराब प्रबंधन का नतीजा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल पुलिस की विभागीय पदोन्नति परीक्षा (बी-1) में सरकार की व्यवस्था ही बैठ गई। सरकार एक तरफ लोगों को नौकरी न देने के हजार तरीके खोज रही है, दूसरी तरफ डिपार्टमेंटल प्रमोशन परीक्षा में भी लापरवाही बरत रही है। बिना किसी इंतजाम के इतनी बड़ी परीक्षा का आयोजन सरकार की मंशा और तैयारियों पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में बड़ी परीक्षाएं कैसे होंगी।
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मंडी में जारी बयान में जयराम ने कहा कि लोग 6 घंटे तक बैठे रहे, लेकिन व्यवस्थापकों द्वारा तकनीकी खामी दूर नहीं की जा सकी। किसी जगह पर लोगों के जवाब सबमिट नहीं हो रहे थे तो कहीं पर प्रश्नों के उत्तरों में ही गलत विकल्प आ रहे थे। कहीं पर मेन सर्वर से परीक्षा केंद्र लिंक नहीं हो पाए तो कहीं पर एक ही साथ शुरू हुई परीक्षा में प्रश्नों की संख्या में, तो कहीं पर परीक्षा के समयावधि में भारी अंतर देखने को मिल रहा था। कहा कि पूरी परीक्षा में ही उहापोह और अराजकता की स्थिति बनी रही। जब यह बात पूरी तरीके से बाहर आ गई और परीक्षार्थियों द्वारा भारी पैमाने पर विरोध हुआ तो आनन-फानन में प्रशासन ने यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। यह सरकार की नाकामी और खराब प्रबंधन का नतीजा है।

बिना ट्रायल रन किए ही परीक्षा का आयोजन करवाया गया या फिर विभिन्न मानकों की अनदेखी की गई। जयराम ने कहा कि एक लाख सरकारी नौकरियों की गारंटी देकर हिमाचल में जनादेश चुराने वाली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री यह जानते हैं, जब प्रतियोगी परीक्षाएं करवाने वाली संस्थाएं ही नहीं रहेंगी तो लोगों को रोजगार भी नहीं देना पड़ेगा। सरकार की कार्यप्रणाली से यह साफ है कि इस सरकार का इरादा प्रदेश के लोगों से उनकी नौकरियां, उनका प्रमोशन छीनना है, देना नहीं।
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