हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में नया रोस्टर लागू करने की तैयारी है। पंचायतीराज संस्थाओं का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का काम चल रहा है। नए सिरे से वार्डों की सीमाएं तय की जा रही है।
पहले सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए रोेटेशन में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करने का फैसला लिया था, लेकिन अब पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के चलते नया रोस्टर लागू करने का प्रस्ताव है। हिमाचल प्रदेश में जनवरी 2026 में संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया प्रक्रिया पूरी होने तक पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती की जानी है। हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें भी बनेंगी।
कई जिला परिषद वार्डों का आकार घटेगा और बढ़ेगा। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में पंचायतों की कुल संख्या 3,577 है। वार्डों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के कार्यों के साथ साथ सरकार विभागीय स्तर पर चुनाव की तैयारियां भी कर रही है। 500 के करीब पंचायतों में नए सिरे से वार्डों की मतदाता सूचियां बनेंगी। उल्लेखनीय है कि सरकार को शिकायतें मिली हैं कि कई पंचायतें ऐसी हैं, जहां सीट महिलाओं के लिए ही आरक्षित चल रही है। ऐसे मामलों को भी सरकार देख रही है। ब्यूरो
अब नए सिरे से होगा जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
सरकार ने जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों का नया परिसीमन का कार्य नए सिरे से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय में विचाराधीन देवेंद्र सिंह नेगी बनाम हिमाचल प्रदेश व अन्य मामले में आए फैसले के अनुरूप वार्डों के परिसीमन से संबंधित पूर्व की सभी अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया है।