आर्थिक तंगी से जूझ रही राज्य सरकार ने बीते वर्ष ही ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी के बिलों की वसूली शुरू की थी। अब ग्राम पंचायतों में कारोबार करने वालों पर टैक्स लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ग्राम पंचायतों में स्थित होटल, होम स्टे, दुकानों, रेस्तरां, मैरिज पैलेस सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से टैक्स लेगी। प्रति वर्ग फीट टैक्स कितना वसूला जाएगा, इसको लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
टैक्स की राशि तय करने को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसको लेकर फैसला लिया जाएगा। संभावित है कि बजट भाषण में टैक्स लगाने की घोषणा हो सकती है। पंचायतीराज एक्ट के तहत पंचायतों को कई प्रकार के टैक्स लगाने के अधिकार होते हैं। कई पंचायतों ने विभिन्न टैक्स लगाए भी हैं। कई पंचायतों में चूल्हा टैक्स भी लिया जा रहा है। इसके तहत पंचायत के तहत आने वाले हर परिवार से सालाना 30 रुपये टैक्स लिया जा रहा है। कांगड़ा की कुछ पंचायतों में आजकल आठ साल का एकमुश्त चूल्हा टैक्स लिया जा है।