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हिमाचल प्रदेश: एनजीटी नई दिल्ली ने पूछा- पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में कैसे लग गए केमिकल, एसिड उद्योग

Mon, 28 Oct 2024 07:30 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।

सार

हिमाचल प्रदेश के पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित तीन एसिड और केमिकल उद्योग नियमों को दरकिनार कर स्थापित करने की बात सामने आ रही है। वहीं, एनजीटी ने अधिकारियों को इन उद्योगों को नोटिस देने को कहा है और जवाब मांगा है।
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एनजीटी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ऊना जिले के पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में कटान की एवज में नए पौधे लगाने और सीईटीपी प्लांट स्थापित न होने के मामले में एनजीटी नई दिल्ली में हो रही सुनवाई में सरकार और उच्च अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित तीन एसिड और केमिकल उद्योग नियमों को दरकिनार कर स्थापित करने की बात सामने आ रही है।

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एनजीटी ने औद्योगिक क्षेत्र की कैटेगरी ए एवं बी का हवाला देते हुए इन उद्योगों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी नई दिल्ली के इस निर्देश के बाद अब वन विभाग के चीफ कंजरवेटर, उद्योग विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और इन उद्योगों को भी केस में पार्टी बनाया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीनों उद्योगों को 15 दिन के अंदर नोटिस देने को कहा है। नोटिस मिलने के दो सप्ताह के अंदर इन उद्योगों के संचालकों को एनजीटी में अपना जवाब भी दायर करना होगा। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि 500 हेक्टेयर भूमि से कम क्षेत्र में उक्त कैटेगरी के उद्योग नहीं लगाए जा सकते हैं। ऐसे में पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में इन तीनों उद्योगों को लगाने की अनुमति कैसे संभव हो गई।

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एनजीटी नई दिल्ली के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की ओर से 24 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई की गई। पूरे मामले को लेकर सरकार एवं उच्चाधिकारियों को एनजीटी नई दिल्ली में चुनौती शिकायतकर्ता ऊना के नजदीकी गांव कोटला कलां निवासी मनोज कौशल ने दी है। 24 अक्तूबर को हुई सुनवाई में शिकायतकर्ता मनोज कौशल वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि विभागों की ओर से एडवोकेट जनरल राज कुमार, अनूप रत्न, अधिवक्ता राज कुमार और प्रिंसिपल सेक्रेटरी उद्योग आरडी नजीम और वन विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर डॉ. पवनेश कुमार ने वर्चुअल व हिमाचल प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से वैभव श्रीवास्तव एएजी, विनीता तिवारी और राजनंदनी कुमारी बतौर अधिवक्ता प्रस्तुत हुईं।

'उद्योगों को नोटिस देने को कहा है'
मामले में बीते माह हुई सुनवाई में मांगे गए जवाब की पैरवी हुई। एनजीटी नई दिल्ली के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की ओर सुनवाई में सामने आया कि पंडोगा में डिस्टलरी, एसिड एवं केमिकल उद्योग लगाने की अनुमति नहीं है, तो यह कैसे स्थापित हो गए। मनोज कौशल ने बताया कि एनजीटी ने अधिकारियों को इन उद्योगों को नोटिस देने को कहा है और जवाब मांगा है।
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