मंडी शहर के चक्कर मिल्कफेड प्लांट में मंडी और कुल्लू जिला से दूध पहुंचता है। प्लांट के प्रभारी विश्वकांत शर्मा बताते हैं कि गर्मियों में औसतन 80,000 से 85,000 लीटर दूध रोजाना पहुंच रहा था। सर्दियों में यह 50,000 से 55,000 लीटर प्रतिदिन रह गया है। ऊना की बात करें तो जिला में करीब 1.5 लाख दुधारू पशु हैं। जुलाई से सितंबर तक दूध का प्रतिदिन उत्पादन तीन लाख लीटर है। 25,000 लीटर दूध प्रतिदिन पंजाब की बड़ी कंपनियों को पशुपालक बिक्री करते हैं। बाकी मिल्कफेड व अन्य बड़ी दुकानों में बेचा जाता है। सर्दी के मौसम में प्रतिदिन दूध का उत्पादन तीन लाख से घटकर 2.25 लाख लीटर के आसपास रह गया है। बाहरी कंपनियों को 20,000 लीटर के करीब दूध भेजा जाता है।
दुधारू पशुओं में ठंड के चलते स्ट्रेस होता है। इसी के साथ सर्दियों में चारे में कैल्शियम कम हो जाता है। इसका असर दूध उत्पादन पर पड़ता है। कुछ टिप्स अपनाकर दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है- डॉ. मुकेश महाजन, उपनिदेशक पशुपालन विभाग मंडी