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Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- निर्माण परियोजनाओं के लिए उचित डंपिंग साइट की करें पहचान

Thu, 28 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि डंपिंग साइट्स का चयन करते समय पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को भविष्य की निर्माण परियोजनाओं के लिए उचित डंपिंग साइट्स की पहचान करने के लिए कड़ी चेतावनी दी। अदालत ने कहा कि डंपिंग साइट्स का चयन करते समय पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि मलबा निजी भूमि, नालों, जल निकायों, वन क्षेत्रों और जलग्रहण क्षेत्रों में न गिरे।

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मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने निजी ठेकेदारों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं, क्योंकि राज्य पहले से ही भारी बारिश के कारण भूस्खलन का सामना कर रहा है। राज्य की प्राकृतिक शैली की पर्याप्त देखभाल की जानी चाहिए, क्योंकि बिना सोचे-समझे डंप किया गया मलबा और कचरा फिसलने की प्रवृत्ति रखता है और निचले स्तर पर रहने वाले लोगों और उनकी भूमि के लिए एक संभावित आपदा है।

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उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जिला चंबा के गांव मोटला में मलबे को हटाने के संबंध में याचिकाकर्ता संजीवन सिंह ने एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें मोटला से सुखीयार तक 9 किलोमीटर लंबी लिंक रोड के निर्माण के दौरान मलबे को अनुचित तरीके से डंप करने का मुद्दा उठाया गया था। यह काम प्रतिवादी ठेकेदारों की ओर से किया जा रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कई निर्देश जारी किए। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, चंबा के सचिव को साइट का निरीक्षण करने के लिए कहा गया, जबकि एसडीएम, भटियात से इस बात पर एक हलफनामा मांगा गया कि क्या मलबे को हटाने के लिए मांगे गए 92,96,440 रुपये की राशि जारी की गई है या नहीं।

न्यायालय ने यह भी पाया कि पांच नामित डंपिंग साइट्स नालों के जलग्रहण क्षेत्रों में स्थित थीं जिससे वे अवरुद्ध हो गए थे। ठेकेदार पर लगाया गया नाममात्र का जुर्माना भी अदालत को रास नहीं आया, जिसने बाद में 11,39,310 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, एक अतिरिक्त 9,12,630 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया और यह भी पाया गया कि जंगल की जमीन से मलबा हटाने की लागत 64 लाख रुपये थी।

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