आदशों को नहीं मानने पर दोपहर को बलोह टोल प्लाजा पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और बीडीटीएस के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। टोल प्लाजा के बूथ में बैठे कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। दोपहर बाद टोल प्लाजा से बिना शुल्क के वाहनों को गुजारा गया। हंगामे की सूचना मिलने पर घुमारवीं थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद स्थिति नियंत्रण में किया गया। मौके पर मौजूद जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा ने कहा कि टोल प्लाजा प्रबंधन प्रदेश सरकार और उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना कर रहा है, जो सहन नहीं किया जाएगा।
दोपहर बाद पंजाब सीमा पर स्थित गरामोड़ा टोल प्लाजा पर भी पंजाब और हिमाचल की विभिन्न ट्रांसपोटर यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य पहुंचे। उन्होंने शुल्क वसूलने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए टोल प्लाजा पर चक्का जाम कर दिया। स्वारघाट पुलिस और पंजाब पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला। इसके ट्रांसपोटरों को समझा कर करीब एक घंटे के बाद यातायात बहाल कराया गया। प्रदर्शनकारियों कहा कि फोरलेन की बदहाल स्थिति को देखते हुए उपायुक्त बिलासपुर ने एक महीने के लिए टोल वसूली बंद करने के आदेश जारी किए है, लेकिन इसके बावजूद टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली जारी है। प्रशासन निलंबन के आदेश को फोरलेन की स्थिति सुधरने तक लागू कराए।
उधर, वीरवार शाम को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक हुई। बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने टोल प्लाजा में शुल्क वसूली निलंबन को वापस लेने की बात रखी। प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि फोरलेन पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण यातायात असुरक्षित हो गया है । वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि जल्द ही प्रशासन की ओर से उठाए गए मुद्दों को हल कर फोरलेन को यात्रियों के लिए सुरक्षित कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने फोरलेन को जल्द सुरक्षित करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के एनएचएआई को निर्देश दिए। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि एनएचएआई की रिपोर्ट आने तक टोल प्लाजा पर शुल्क निलंबन जारी रहेगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया आदि अधिकारी मौजूद रहे।