रेलवे स्टेशनों पर भीख मांग कर किया गुजारा
सुरेंद्र ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद वह गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के रेलवे स्टेशनों पर भीख मांग कर गुजारा करने लगा। इतना ही नहीं एक जगह 100 रुपये की दिहाड़ी पर पार्किंग में काम कर गुजर-बसर किया। इस दौरान उनके साथ दुर्घटना हुई, जिससे वह कोई भी काम करने के लायक नहीं रहा। एक व्यक्ति ने उन्हें अपने घर पर बिना वेतन के चौकीदार नियुक्त किया और खाने व रहने की व्यवस्था की।
2020 में सुरेंद्र को मृत घाेषित कर पत्नी को फैमिली पेंशन प्रदान की
11 वर्षाें तक लापता रहने पर सेना ने वर्ष 2020 में सुरेंद्र को मृत घाेषित कर दिया और सेवा लाभ के तौर पर पत्नी को पेंशन की सुविधा प्रदान की गई। सुरेंद्र ने बताया कि वर्ष 2024 में वह पत्नी की ओर से दहेज उत्पीड़न मामले में न्यायालय में सरेंडर करने पहुंचा। न्यायालय ने उसे 42 दिन के लिए जेल भेज दिया। सजा पूरी करने के बाद सुरेंद्र सोमवार को घर लौटा तो परिजनों के चेहरों पर खुशी थी। वहीं, सेना जवान के 16 साल बाद अचानक लौटने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। इस मामले को लेकर भी जांच की जा रही है।
पंचायत डैकवां के पूर्व प्रधान हार्दिक कटोच ने बताया कि पत्नी से तंग आकर सुरेंद्र ने ऐसे कदम उठाने की बात कही है। अब 16 वर्ष बाद जवान दोबारा अपने घर पहुंचा है।