किन्नौर जिले के कल्पा के राउलाने फेस्टिवल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रहीं हैं। हालांकि जनजातीय जिले का यह त्योहार मार्च और अप्रैल में मनाया जाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर अब इसकी तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर इंस्टाग्राम, फेसबुक पर इन फोटो की धूम है। राउलाने फेस्टिवल अपने आप में अलग और अनोखा है। यह मेला पांच दिनों तक मनाया जाता है।
राउलने मेला किन्नौर के लगभग सभी ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया जाता है, लेकिन कल्पा गांव का यह मेला अत्यंत प्रसिद्ध है और एक देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। सस्कर पर्व के बाद यह मेला लगातार पांच दिनों तक मनाया जाता है। सस्कर पर्व में देवी-देवताओं का वास होता है और उनकी विदाई करने के बाद भी गांव से नहीं जाते हैं। उनकी विदाई के लिए यह मेला मनाया जाता है। मेले में तीन किरदार होते हैं, जिनमें एक राउला, राउलने और पुंदलु (जो भेड़ बकरियों की खाल पहनते हैं)। राउला को पारंपरिक कोट-पेंट और गाछी से मुंह छुपाया जाता है। राउलने को पारंपरिक वेशभूषा के साथ किन्नौरी आभूषणों से मुंह छुपाया जाता है। इस मेले की यह खासियत है कि इस मेले में सिर्फ और सिर्फ पुरुष ही भाग लेते हैं।