हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय सैनिक कल्याण विभाग ने नॉन पेंशनर्स को दी जाने वाली पेन्युरी पेंशन की राशि चार से बढ़ाकर आठ हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है। इसके अलावा पूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी पर दी जाने वाली सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा सहायता राशि को भी दोगुना किया गया है। अब स्नातक की पढ़ाई कर रहे पूर्व सैनिकों के बच्चों को एक हजार के स्थान पर दो हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को नवंबर तक सैनिक कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होगा। हिमाचल प्रदेश में करीब एक लाख पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
सरकार ने बुढ़ापा पेंशन में भी बढ़ोतरी करते हुए इसे तीन से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। हालांकि, पेन्युरी पेंशन का लाभ केवल नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों को ही मिलेगा। उन्हें इस योजना के लिए हर वर्ष आवेदन करना आवश्यक होगा।
जागरूकता की कमी से आवेदन रद्द
हिमाचल में पेन्युरी पेंशन के लिए 12 पूर्व सैनिकों ने आवेदन किया था। इनमें से चार आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण दस्तावेज अधूरे रहना और संदेशों की अनदेखी बताया गया है। केंद्र सरकार आवेदकों को मोबाइल पर दस्तावेजों की कमी पूरी करने के लिए संदेश भेजती है, लेकिन कई पूर्व सैनिक समय पर कार्रवाई नहीं करते। ये वे पूर्व सैनिक हैं, जो समय से पूर्व सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उन्हें पेंशन सुविधा प्राप्त नहीं है।
केंद्रीय सैनिक कल्याण विभाग की ओर से नॉन पेंशनर्स को मिलने वाली पेन्युरी पेंशन, बेटियों की शादी पर सहायता राशि और बच्चों की पढ़ाई के लिए दी जाने वाली राशि में वृद्धि की गई है। पेन्युरी पेंशन अब आठ हजार रुपये, जबकि बेटी की शादी पर सहायता राशि एक लाख रुपये कर दी गई है। -ब्रिगेडियर मदनशील शर्मा, निदेशक, सैनिक कल्याण विभाग, हमीरपुर