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Operation Blue Star: 'ऑपरेशन ब्लू स्टार गलत था... इंदिरा गांधी को जान देकर चुकानी पड़ी कीमत', बोले- पी चिदंबरम

Sun, 12 Oct 2025 12:31 PM IST
अंकेश डोगरा एएनआई, कसौली (हिमाचल प्रदेश)

सार

P Chidambaram Operation Blue Star: शनिवार को कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार का तरीका गलत था और पूर्व प्रधानमंत्री ने गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकाई। पढ़ें पूरी खबर...
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पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पी चिदंबरम - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 1984 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत ऑपरेशन ब्लू स्टार की आलोचना की और इसे गलत तरीका बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकाई। शनिवार को खुशवंत सिंह साहित्य महोत्सव 2025 में बोलते हुए, पूर्व केंद्रीय गृह और वित्त मंत्री ने कहा कि सिख पूजा स्थल से सेना को बाहर रखकर स्वर्ण मंदिर को पुनः प्राप्त करने के लिए ऑपरेशन ब्लैक थंडर सही तरीका था।

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ये भी पढ़ें- Khushwant Singh Litfest: पी चिंदबरम बोले- ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला अकेले इंदिरा गांधी का नहीं था

पी चिदंबरम ने कहा कि जून 1984 का ऑपरेशन ब्लू स्टार सेना, पुलिस, खुफिया और सिविल सेवाओं का एक संचयी निर्णय था। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी सैन्य अधिकारी का कोई अनादर नहीं है, लेकिन वह (ब्लू स्टार) स्वर्ण मंदिर को पुनः प्राप्त करने का गलत तरीका था। कुछ साल बाद, हमने सेना को बाहर रखकर स्वर्ण मंदिर को पुनः प्राप्त करने का सही तरीका दिखाया।

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'अकेले इंदिरा गांधी को नहीं ठहरा सकते दोषी'
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा आप इसके लिए केवल इंदिरा गांधी को दोषी नहीं ठहरा सकते। चिदंबरम लेखिका हरिंदर बावेजा के साथ 'वे विल शूट यू, मैडम: माई लाइफ थ्रू कॉन्फ्लिक्ट' पर एक चर्चा के दौरान एक सभा को संबोधित कर रहे थे। ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 10 जून 1984 तक चला 10 दिनों का सैन्य अभियान था। 6 जून 1984 को, पंजाब में जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व में सिख उग्रवाद को रोकने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर में धावा बोला था।

ऐसी खबर थी कि भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर परिसर में भारी मात्रा में हथियार छिपा रखे थे। भिंडरावाले कट्टरपंथी सिख संगठन दमदमी टकसाल का प्रमुख था। जून 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर से उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान वह अपने सशस्त्र अनुयायियों के साथ मारा गया था। इस ऑपरेशन की भारी आलोचना हुई थी। कुछ महीनों बाद, 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों ने उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर हत्या कर दी। बेअंत सिंह और सतवंत सिंह इंदिरा गांधी के अंगरक्षक थे और उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 को उनके आवास पर उनकी हत्या कर दी थी। 

 
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