राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन पर सर्वे कर नो स्टॉपिंग जोन चिन्हित किए जाएंगे। ऐसे क्षेत्रों का तलाशा जाएगा जहां अचानक वाहन रुकने से हादसों की संभावना अधिक होती है। तीखे मोड़, पुलों के पास, सुरंगों और तीव्र ढलानों वाले क्षेत्र को चिन्हित कर नो स्टॉपिंग जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे। प्रदेश पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीमों को इन जोनों की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। नो स्टॉपिंग जोन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए हाईवे पेट्रोलिंग टीमें हर 20 से 25 किलोमीटर पर तैनात रहेंगी। औचक निरीक्षण का जिम्मा ट्रैफिक राइडर स्क्वॉड को सौंपा जाएगा। नो स्टॉपिंग जोन में वाहन रोकने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 122 के तहत अनुचित पार्किंग पर 500–1,000 रुपये जुर्माना होगा। ट्रैफिक पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी चालान जारी करेगी।
नो स्टॉपिंग जोन चिन्हित करने से न केवल दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि यातायात प्रवाह को भी सुचारु बनाया जा सकेगा। प्रदेश के स्थानीय लोग और सैलानी नो स्टॉपिंग जोन पर गाड़ी न रोकें इसके लिए एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के सहयोग से ‘नो स्टॉपिंग’ के बोर्ड भी लगाए जाएंगे। - अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक