नई व्यवस्था में प्रक्रिया पर रोक रहेगी
अभी तक कई स्कूलों में प्री-प्राइमरी में प्रवेश के लिए बच्चों और अभिभावकों से विभिन्न तरह के सवाल पूछे जाते थे। कई बार छोटे बच्चों को चयन प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था में अब इस तरह की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। अधिसूचना के अनुसार नियमों का पालन करना सभी संबंधित स्कूलों के लिए जरूरी होगा। यदि किसी स्कूल की ओर से निर्धारित नियमों के विपरीत बच्चे को दाखिला देने से इन्कार किया जाता है या प्रवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जाती है, तो अभिभावक इसकी शिकायत संबंधित जिला उपायुक्त (डीसी) या निदेशालय में कर सकेंगे।
नई योजना में अब जिला के किसी भी निजी स्कूल में किसी भी प्रकार की चयन प्रक्रिया नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा को बच्चों के लिए सहज, सरल और तनावमुक्त बनाना है, ताकि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकें। - अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास कांगड़ा