अब पुलिस थानों से पंजीकरण के बाद ही मजदूर पंचायतों में जाकर काम कर सकेंगे। ठेकेदारों के पास, कंपनियों और दुकानों में काम करने वाले मजदूरों को पहचान पत्र बनाना अनिवार्य किया गया है। अगर किसी ठेकेदार के पास काम करने वाले मजदूर का पहचान पत्र नहीं होगा तो कंपनी के मालिक व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमर में लाई जाएगी।
थानों में मजदूरों और कर्मचारियों को अपना पासपोर्ट साइज, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज जमा कराने होंगे। इसके बाद पुलिस मजदूरों की वेरिफिकेशन करेगी। बुधवार को आयोजित ग्राम सभाओं में मजदूरों का पंजीकरण किए जाने पर भी सहमति बनी है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले कई लोग बिना पंजीकरण के सामान बेचते हैं। कोई कंबल कोई कपड़े बेचने वाला लोगों के घरों में जा रहा है। यही नहीं, कई कबाड़ इकट्ठा वाले लोगों के पास कोई पहचान पत्र नहीं होता है। पंचायत प्रधानों को भी इन लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। गांव व पंचायत का कोई भी व्यक्ति इनसे पहचान पत्र की जानकारी ले सकता है।