15 साल तक ही दी जाएगी साइट
हिमाचल सरकार ईको टूरिज्म साइट को 10 सालों के लिए किसी फर्म या व्यक्ति को देगी। इस की लीज को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। कुल 15 साल तक ही यह साइट दी जाएगी। ईको टूरिज्म साइट पर टैंड, लकड़ी के स्ट्रक्वर, प्री फैबरिकेटेड भवन बनाया जाएगा। यह भवन इस तरह के होंगे जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो। पर्यावरण संरक्षण हो व जीव जंतुओं को किसी तरह की हानि न पहुंचे। इसकी कमाई की 20 फीसदी राशि को सरकार पर्यावरण संरक्षण पर ही खर्च करेगी। अन्य मदों पर उसे खर्च नहीं किया जा सकेगा।
प्राकृतिक के साथ नहीं करनी होगी छेड़छाड़
नई पालिसी में प्रकृति के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। झीलों, नदियों, पर्यावरण, सैंच्युरी, वेटलैंड को सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। हर साल अन्य राज्यों से प्रदेश की जनसंख्या से दो गुणा सैलानी हिमाचल की प्राकृतिक को निहारने आते हैं। शिमला, धर्मशाला, डलहौजी और मनाली में सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं।
2030 तक कुल पर्यटकों में से कम से कम 10% को ईको-टूजिज्म स्थलों पर आकर्षित करेंगे।