कुल्लू के बाह्य सराज को जोड़ने वाली प्रस्तावित जलोड़ी टनल की लंबाई को रिव्यू किया जाएगा। इसकी अलाइनमेंट को भी रिवाइज किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम दिल्ली की एक कंपनी अल्टीनॉक को एनएच की ओर से सौंपा गया है। इसका प्रपोजल भी तैयार किया गया है। हालांकि, प्रपोजल को अभी तक सरकार की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी की ओर से जलोड़ी टनल की लंबाई और अलाइनमेंट को रिवाइज करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गौर रहे कि महाराष्ट्र की जिस कंपनी की ओर से पहले जलोड़ी टनल की डीपीआर तैयार की गई थी। उसके मुताबिक जलोड़ी टनल की लंबाई 4.2 किलोमीटर थी और इसकी लागत 364.65 करोड़ की थी। टनल घियागी-सजवाड़ के मध्य से जलोड़ी के दूसरी तरफ निकलनी थी। अब घियागी से तीन किलोमीटर ऊपर सोझा से नीचे टनल का एक मुहाना शुरू होगा। यह जलोड़ी दर्रा के दूसरी तरफ कंडुगाड़ में जाकर निकलेगा। गौर रहे कि सोझा के ग्रामीणों की ओर से जलोड़ी टनल को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
सोझा के ग्रामीणों का मानना है कि टनल के निर्माण के बाद उनके जल स्रोत पूरी तरह सूख जाएंगे। इसके बाद एनएच अथॉरिटी की ओर से ग्रामीणों की बात को परिवहन मंत्रालय के समक्ष रखा गया। परिवहन मंत्रालय ने देशभर में अन्य टनलों का हवाला देते हुए इस पर अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। जानकारों का मानना है कि सोझा के ग्रामीणों का विरोध कहीं न कहीं परिवहन मंत्रालय के ध्यान में है। ऐसे में जलोड़ी टनल की लंबाई और अलाइनमेंट को रिवाइज करने की बात उठी है। हालांकि, एनएच के प्रपोजल को कब स्वीकृति मिलती है, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। जलोड़ी टनल की लंबाई और अलाइनमेंट रिवाइज होने से इसकी लागत में भी कमी आएगी।
जलोड़ी टनल की लंबाई और टनल की अलाइनमेंट को रिवाइज किया जाना है। इसका काम दिल्ली की अल्टीनॉक कंपनी को दिया गया है। हालांकि, इसकी अभी तक अप्रूवल नहीं आई है - टहल सिंह, सहायक अभियंता, एनएच-305