हिंदू संगठनों ने पांवटा साहिब में कथित गोवंश के अवशेष को लेकर किया धरना प्रदर्शन
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हिमाचल-उत्तराखंड राज्य की सीमा पर यमुना नदी के साथ लगते मानपुर देवड़ा में मवेशियों के अवशेष मिले हैं। इससे हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को हिमाचल से उत्तराखंड सीमा तक भारी संख्या में लोगों ने आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद शमशेरगढ़-बांगरन चौराहे पर भी आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने चक्का जाम कर दिया।
देर रात को खबर लिखे जाने तक उत्तराखंड सीमा बैरियर पर धरना प्रदर्शन जारी था। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी व भाजपा जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता भी मौजूद रहे। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने सोमवार को कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं को बताया कि मानपुर देवड़ा के समीप डेढ़ दर्जन से अधिक मवेशियों के अवशेष पड़े हैं। सूचना मिलने पर सैकड़ों कार्यकर्ता यमुना नदी के किनारे मौके पर पहुंच गए।
अरुण, अजय संसरवाल, सुशील तोमर व ब्रजेश कोशिश समेत लोगों ने कहा कि बेहद गंभीर मामला है। काफी अवशेष उत्तराखंड पुलिस व हिंदूवादी संगठन ले गए हैं। उत्तराखंड में भी इसके चलते भारी आक्रोश है। उत्तराखंड पुलिस जांच कर रही है। सूचना मिलने पर एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी और डीएसपी पांवटा मानवेंद्र ठाकुर, थाना प्रभारी पुरुवाला राजेश पाल टीम सहित मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने को कहा। इस मामले की जांच कर रही उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों व जांच टीम के साथ समन्वय बनाकर पूरा सहयोग किया जाएगा।
वहीं, दोपहर बाद आक्रोशित लोगों ने देहरादून-पांवटा एनएच-7 पर बाईपास परशुराम चौक पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ऋषभ शर्मा व एसएचओ पांवटा साहिब देवी सिंह नेगी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अरुण व ब्रजेश ने कहा कि मौके पर जाकर देखा तो आसपास जो घुमंतू परिवार रह रहे हैं, उनमें से कुछ के पास आधार कार्ड तक नहीं है। कच्चे छप्परनुमा मकान के पास खैर की लकड़ियां पड़ी हैं। करीब एक घंटे तक पांवटा बाईपास के पास धरना करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड राज्य सीमा बैरियर पर चक्का जाम किया।