कार्मिक विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और निगम-बोर्डों के प्रबंध निदेशकों को भेजे पत्र में कहा गया कि सरकार ने बहु-विभागीय समान ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती को केंद्रीकृत करने के लिए भर्ती निदेशालय की स्थापना की है। 19 जुलाई 2025 को सरकार की ओर से शुरू की गई जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत ग्रुप ए, बी और सी कैडर की सीधी भर्ती वाले पदों को फिक्स्ड मानदेय पर जॉब ट्रेनी के रूप में भरा जाना अनिवार्य किया गया है। 6 अगस्त 2025 को जारी निर्देशों के मुताबिक जेओए (आईटी) के सीधी भर्ती वाले पद अब इसी स्कीम के माध्यम से भरे जाएंगे। इनकी पूरी प्रक्रिया को निदेशालय के माध्यम से ही किया जाएगा।
कार्मिक सचिव ने बताया कि एलडीआर कोटे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जिसे अब सरकार ने साफ कर दिया है। एलडीआर तथा सीधी भर्ती दोनों के नियम व सेवा-शर्तें अलग हैं। नियमानुसार जेओए (आईटी)/क्लर्क पदों की भर्ती में 70 फीसदी पद सीधी भर्ती (अब जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत), 20 फीसदी पद लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट (एलडीआर) कोटा और 10 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।
एलडीआर कोटा केवल नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए निर्धारित है। इससे सीधे नियमित सेवा में नियुक्ति होती है। 70 फीसदी सीधी भर्ती वाले उम्मीदवार जॉब ट्रेनी के रूप में निश्चित मानदेय पर कार्य करते हैं और प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद ही नियमित होते हैं। ऐसे में एलडीआर कोटे के पदों को जॉब ट्रेनी स्कीम में शामिल करना नियमों के विपरीत होगा।
इसके लिए फैसला लिया गया है कि अब सभी विभाग एलडीआर कोटे की भर्ती एक ही माध्यम से करेंगे। जेओए (आईटी)/क्लर्क के भर्ती एवं पदोन्नति नियम सभी विभागों में समान हैं, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी विभाग 20 फीसदी एलडीआर कोटे के लिए अपने रिक्त पदों का प्रस्ताव भर्ती निदेशालय को भेजेंगे।