हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने निजी पार्टियों से 48 घंटे के भीतर रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 12 नवंबर के आदेशों के तहत इसे लेकर निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने सभी होटल यूनिट प्रबंधकों को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने अपने आदेशों में स्पष्ट कहा कि सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों से जो पैसे की रिकवरी करनी है, उसे 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए।
यदि सरकारी विभाग एचपीटीडीसी की बकाया राशि का भुगतान नहीं करते हैं तो इसके लिए वह न्यायालय की अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे। पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने साफ किया कि भविष्य में शादी समारोह और पार्टियों के होटल तभी दिए जाएंगे, जब उस कार्यक्रम की 80 फीसदी पेमेंट का अग्रिम भुगतान होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो इसके लिए संबंधित यूनिट के अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनसे रिकवरी की जाएगी। पर्यटन विकास निगम के होटलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के एवज में देनदारियां न चुकाने के कारण निगम का घाटा बढ़ता जा रहा है। घाटा अधिक होने की वजह से निगम अपने कर्मचारियों व पेंशनर की देनदारी नहीं चुका पा रहा।
सरकारी विभागों और निजी आयोजकों पर 30 करोड़ बकाया
पर्यटन विकास निगम का सरकारी विभागों और निजी आयोजकों पर करीब 30 करोड़ रुपये बकाया है। सरकारी विभागों से निगम को 2 करोड़ 45 लाख वसूलने हैं, जबकि निजी आयोजकों से करीब 59 लाख बकाया है। निगम ने 7 नवंबर तक सरकारी विभागों से करीब 1 करोड़ 68 लाख वसूल कर दिए हैं। निजी आयोजकों से भी करीब 47 लाख रुपये की रिकवरी की गई है।