मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक ठाकुर भीषम चंद ने की, जो कि शिमला से पैरवी के लिए ऊना आते थे। जिला न्यायवादी ऊना एकलव्य ने बताया कि एक अप्रैल 2021 को आईटीबीपी जवान विपिन कुमार पुत्र राम किशन निवासी नंगड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता गुरदयाल सिंह निवासी नंगड़ा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे विपिन कुमार गांव में ही स्थित खेत में प्रवासी मजदूरों के माध्यम से गेहूं की कटाई कर रहा था। इसी दौरान गांव का ही जसवंत सिंह, उसका बेटा दिलप्रीत सिंह, अमरीक सिंह व गुरप्रीत सिंह जिप्सी गाड़ी में सवार होकर खेत में पहुंचे। जिप्सी से उतरते ही जसवंत सिंह ने 12 बोर बंदूक निकालते हुए विपिन को जान से मारने की धमकी देने लगा।
इस पर जिप्सी में सवार अन्य तीनों भी उतरे और कहा कि यह जमीन हमारी है। इसी दौरान तीनों ने जसवंत से कहा कि विपिन को गोली मार दे। इस पर जसवंत ने आईटीबीपी जवान की छाती में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के आरोप में पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पूरे मामले की जांच थाना प्रभारी ऊना गौरव भारद्वाज ने की। अदालत में 30 गवाहों व सबूतों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया। अदालत ने जसवंत सिंह को धारा 302 के तहत उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 120बी के तहत सात वर्ष की सजा व 20 हजार जुर्माना देना होगा। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आर्म्स एक्ट 30 के तहत छह माह की सजा व दो हजार रुपये देना होगा। जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं दिलप्रीत सिंह, अमरीक सिंह व गुरप्रीत सिंह पर धारा 302 के तहत उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं धारा 120बी के तहत सात वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।