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Himachal News: बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा की सीएम से वार्ता, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Wed, 06 Nov 2024 04:08 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर में करीब आधा घंटा बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा ने सीएम सुक्खू से वार्ता की। वार्ता में मोर्चा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। पढ़ें पूरी खबर...
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डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा को आज सुबह प्रदेश सरकार द्वारा वार्ता के लिए बुलाया गया। मोर्चा के अधिकतर पदाधिकारियों के शिमला से बाहर होने से इस तत्काल बैठक में ई. लोकेश ठाकुर व हीरा लाल वर्मा ही भागीदारी कर पाए। यह बैठक आज मुख्यमंत्री से उनके आवास ओक ओवर में हुई जो लगभग आधा घंटा चली।

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इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और मोर्चा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। संयुक्त मोर्चा ने बिजली बोर्ड में खत्म की गए 51 पदों पर पुनर्विचार कर बहाल करना, निकाले गए 81 आउटसोर्स ड्राइवर की सेवाएं बोर्ड में जारी रखना जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मोर्चा ने कहा कि पदों को समाप्त करना प्रवंधन का एकतरफा फैसला है। इससे सम्बन्धित कार्यालयों की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी। वहीं, जिन कार्यालयों से ड्राइवरों की छंटनी की गई वहां वाहन अभी भी उपलब्ध हैं। जिसमें ड्राइवरों की जरूरत है। फ्रंट ने मांग की कि इन तमाम मुद्दों पर बोर्ड प्रबंधन कर्मचारी व अभियन्ता के जॉइंट फ्रंट को सुने और इन पर पुनर्विचार करे।

संयुक्त मोर्चा ने रखी ये मांगें 
बोर्ड कर्मचारियों को पुरानी पेंशन लागू करने जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष जोरदार तरीके से रखा। वहीं, मोर्चा ने बोर्ड में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग की और कहा आज बोर्ड में कर्मचारियों के अभाव से कर्मचारी भारी तनाव में कार्य कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। 
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इसके अतिरिक्त संयुक्त मोर्चा ने बिजली बोर्ड के ट्रांसमिशन व जनरेशन की संपत्तियों को इससे अलग करने (पुनर्गठन) की मुहिम का जोरदार विरोध किया और कहा आज बिजली बोर्ड के वर्ष 2010 से पहले बने ट्रांसमिशन, जनरेशन, वितरण के ढांचे को एकीकृत रखने से प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली के रूप में आज लाभ मिल रहा है। बिजली बोर्ड के ढांचे को अलग अलग करने से प्रदेश की जनता को बिजली महंगी दरों पर मिलेगी।

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7 नवंबर को कुल्लू जिले में अधिवेशन व रैली
मुख्यमंत्री ने चर्चा में लाए गए मुद्दों पर बिजली बोर्ड प्रबंधन को 11 नवंबर को संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों से बैठक कर सरकार के पास पक्ष रखने के भी निर्देश दिए। फ्रंट के नेताओं ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन वर्ग से बैठक के बाद इन मुद्दों और सकारात्मक प्रस्ताव जाएं और सरकार उस पर गौर करे। वहीं, मोर्चा ने अगले कल 7 नवंबर को कुल्लू जिले में इन मुद्दों पर अधिवेशन व रैली रखी थी वह निर्धारित समय पर ही होगी जिसमें सैंकड़ों कर्मचारी अभियंता व पेंशनर भाग लेंगे।
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