सरकार की ओर से चलाई मंडी मध्यस्थता योजना में किसान अपने सिट्रस फलों को तय दामों पर बेच सकेंगे। इसके लिए हिमफेड और एचपीएमसी (हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम) की ओर से इन फलों को खरीदा जाएगा। इसकी अधिसूचना विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। जानकारी के अनुसार ग्रेड बी में किन्नू, माल्टा, संतरा का आकार 51 एमएम तक होना चाहिए और फल में किसी प्रकार का कट या कीड़ा नहीं होना चाहिए। इसकी तहर ग्रेड सी में फल का आकार 40 से 50 एमएम के बीच होना चाहिए। इसके अलावा गलगल का कोई ग्रेड तय नहीं किया गया है, लेकिन फल साफ होना जरूरी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में सिट्रस फलों की 24 हजार मिट्रिक टन फसल हुई थी, लेकिन इस बार सूखे की मार के कारण करीब 20 हजार मिट्रिक टन फसल की उम्मीद है।
केंद्रों के नाम
कांगड़ा - बैजनाथ, भोग्रवां, बनखंडी, भेडू महादेव, ढलियारा, डाडासीबा, इंदपुर, जाच्छ, ज्वालामुखी, जवाली, कंदरोड़ी, खुंडियां, कस्बा कोटला, लंज, लंबागांव, नगरोटा बगवां, नगरोटा सूरियां, पंचरुखी, परागपुर, रानीताल और शाहपुर।
- मंडी- बरयारा, चैलचौक, धर्मपुर, जरोल, जोगिंद्रनगर, कोटली, नलसर, रिवाल्सर, सरकाघाट, सौलीखड्ड, सुराड़ी, तलियार और समरां।
- ऊना- अंब, बंगाणा, गगरेट, सलोह, ऊना।
- हमीरपुर- बिजरी, हमीरपुर, नादौन, सुजानपुर और तरकवाड़ी।
- बिलासपुर- बरोहा, कलोल, निहारी, निहाल, सवारघाट
- सिरमौर- बगथान और धौलाकुआं
- सोलन- नालागढ़, परवाणु
- कुल्लू- लूहरी
सरकार और विभाग की ओर से सिट्रस फलों की खरीद के लिए प्रदेश भर में 54 केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में किन्नू, माल्टा, संतरा का दाम 12 रुपये और गलगल का दाम 10 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। 15 फरवरी, 2025 तक किसान इन केंद्रों में अपने फल बेच सकते हैं- डॉ. कलमशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा