'वर्ष 2023-24 में 60 हजार किसानों को बीज आवंटित'
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि किसानों को अनाज, दालों, तिलहन और चारा फसलों के बीजों पर 50 प्रतिशत अनुदान और आलू, अदरक व हल्दी के बीजों पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वर्ष 2023-24 में अनुदान योजना के तहत 60 हजार किसानों को बीज आवंटित किया गया था। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला बीज उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विभाग विभिन्न फसलों के आधार बीज का उत्पादन कर रहा है। कृषि उपज बढ़ाने के लिए नई पद्धतियों के वैज्ञानिक परीक्षण करने के उद्देश्य से प्रयोगशालाओं को मजबूत किया जा रहा है।
'इस वित्त वर्ष 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे'
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कृषि विभाग की ओर से 11 मृदा, 3 उर्वरक, 3 बीज, 2 जैव नियंत्रण, एक राज्य कीटनाशक परीक्षण और एक जैव उर्वरक उत्पादन व गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला का संचालन किया जा रहा है। किसानों को राज्य कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर चारा कटर, मक्का, गेहूं थ्रेशर, ब्रश कटर, एसएस हल, एमबी हल जैसे यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस वित्त वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कृषि विकास के लिए हिम उन्नति योजना के तहत कृषि और कृषि संबंधी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से क्लस्टर बनाकर क्रियान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत प्रदेश में 2600 क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिसमें कृषि के 1200, प्राकृतिक खेती के 1100 और जाइका के 300 क्लस्टर होंगे। इस वित्त वर्ष में इस योजना पर 15 करोड़ क्लस्टर संबंधित कार्यों पर खर्च होंगे।