मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को दूध उत्पादकों को पशुओं की देखभाल के बारे में शिक्षित करने और किसानों को समर्थन देने के लिए एक तंत्र विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है और पशुपालन इस खेती पद्धति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों गतिविधियां सह-संबंधित हैं और पशुपालन से रासायनिक खेती में भी कमी आएगी। बैठक में पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, सचिव पशुपालन रितेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रबंध निदेशक मिल्क फेड विकास सूद और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।