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Himachal News: आईजीएमसी शिमला में कैंसर रोगी को नहीं मिला इंजेक्शन, मौत; बेटी ने सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत

Fri, 17 Jan 2025 04:09 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

आईजीएमसी शिमला में एक कैंसर रोगी की मौत के बाद मामला सीएम हेल्पलाइन में पहुंच गया है। आरोप है कि कैंसर रोगी हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत था, लेकिन अस्पताल में रोगी को इंजेक्शन नहीं मिला। 
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डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के एक कैंसर रोगी की मौत के बाद मामला सीएम हेल्पलाइन में पहुंच गया है। सीएम हेल्पलाइन को दी शिकायत में परिजनों ने इंजेक्शन न मिलने से रोगी की मौत होने का आरोप लगाया है। कैंसर रोगी हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत था, लेकिन अस्पताल में रोगी को इंजेक्शन नहीं मिला। बीते माह रोगी की मौत हो गई थी। रोगी की बेटी जाह्नवी शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर इस संबंध में शिकायत की है। आरोप है कि हिमकेयर में पंजीकृत होने और उसमें राशि होने के बावजूद उसके पिता देवराज को इंजेक्शन नहीं मिला। जाह्नवी ने सीएम हेल्पलाइन पर इस कोताही के लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।

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सीएम हेल्पलाइन में दी शिकायत में बेटी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को आईजीएमसी के डॉक्टर ने 13 नवंबर को एक जरूरी इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा था। आईजीएमसी प्रबंधन के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिला। इंजेक्शन की कीमत करीब 50 हजार रुपये थी। परिवार की आर्थिक हालत इतनी अच्छी नहीं है कि वह इंजेक्शन खरीद पाए। लिहाजा 3 दिसंबर को उनके पिता की मौत हो गई। जाह्नवी ने शिकायत में कहा है कि उनका परिवार हिमकेयर में पंजीकृत है और उसमें उपचार के लिए धनराशि भी थी। उन्होंने बताया कि जब पिता की मौत हो गई तो उसके कुछ दिन बाद फोन आया कि इंजेक्शन आ गया है। जाह्नवी ने सीएम हेल्पलाइन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि इस मामले में कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएं।

शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
जाह्नवी ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज उनकी शिकायत बीएमओ मशोबरा को चली गई। इसके बाद बीएमओ कार्यालय से उन्हें फोन आया उसमें कहा गया कि आईजीएमसी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह शिकायत उनके पास गलत आई है। उपचार में डॉक्टर की कोताही होती तो इस पर कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन हिमकेयर में उपचार न मिलने का मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में अब तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जाह्नवी ने बताया कि अब हेल्पलाइन से शिकायत को बिना कोई कार्रवाई किए हटा दिया है। अब जब भी वह शिकायत लिखवाने की कोशिश करती हैं तो सीएम हेल्पलाइन से किसी का फोन आ जाता है कि जल्द ही आपकी शिकायत को दर्ज करेंगे।

सरकार के ध्यान में है मामला
योजना के तहत दी जाने वाली राशि का मामला सरकार में ध्यान में लाया है। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनराशि जारी कर दी है जोकि जल्द मिल जाएगी -डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी।
 
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- यह मौत नहीं हत्या है
वहीं, पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने इस मसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हत्या है, जिसकी जिम्मेदार व्यवस्था परिवर्तन की सरकार है। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का बेड़ागर्क हो गया है और जिम्मेदार लोग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। आए दिन मुख्यमंत्री या उनका कोई न कोई मंत्री किसी न किसी मंच पर बड़ी-बड़ी बातें कर देगा। व्यवस्था परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे जुमले फेंक कर अपने घर चला जाएगा और प्रदेश के लोग दवाओं से लेकर जांच और इलाज के लिए इसी तरह तड़पते रहेंगे। इसके बारे में मैं लगातार मुख्यमंत्री से निवेदन कर रहा हूं कि स्वास्थ्य व्यवस्था को इस तरह से लावारिस न छोड़ें। ऐसी परिस्थिति न आए इसके लिए मैंने मुख्यमंत्री से भी मामले में दखल देने का कई बार निवेदन किया। क्या प्रदेश के लोगों को इलाज मिले इसके लिए सरकार से व्यवस्थाओं के सुधार करने की मांग करना जनहित नहीं है? क्या हर प्रदेश वासी को समय से जांच, इलाज मिले यह प्रदेशवासियों का हक नहीं है?

मेरे पिता का आईजीएमसी से इलाज चल रहा था, उन्हें कीमोथेरेपी के इंजेक्शन की जरूरत थी, जिसकी कीमत पचास हज़ार रुपए या उससे ज़्यादा थी।


मेरे पास हिम केयर का कार्ड था लेकिन हिम केयर की पेमेंट न होने की वजह से हमें वह इंजेक्शन नहीं मिला।

अस्पताल ने कहा कि आप अपने पैसे से इंजेक्शन… pic.twitter.com/98TlIfMRET

— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) January 17, 2025 " />
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