पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की शह पर बीबीएमबी मैनेजमेंट धक्का कर रही है, जिसे कभी बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास हरियाणा के लिए एक भी बूंद अतिरिक्त पानी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद हम मानवता के आधार पर चार हजार क्यूसिक पानी दे रहे हैं।
उधर, डीआईजी हरचरण सिंह के नेतृत्व में बड़ी संंख्या में पुलिस जवानों की देखरेख में बीबीएमबी चेयरमैन को निकालने का प्रयास किया गया, जिसका आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस जवानों व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की भी हुई। कड़ी मशक्कत व पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद बीबीएमबी चेयरमैन को वहां से निकालने में सफलता मिली। वहीं, बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ चंडीगढ़ जाकर बैठक कर इस मामले का हल निकालेंगे।
बीबीएमबी के चेयरमैन केंद्र के इशारे पर कर रहे पंजाब के खिलाफ काम : मान
हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के बीबीएमबी मैनेजमेंट के निर्णय के विरोध में नंगल में बीबीएमबी के विश्राम गृह सतलुज सदन के समक्ष चल रहे आम आदमी पार्टी के धरने में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पहुंचे। भगवंत मान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा जो मर्जी कर ले, उसे 21 मई से पहले एक भी बूंद अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी चेयरमैन कौन होता है नंगल डैम से पानी छोड़ने का निर्णय लेने वाला। पंजाब बीबीएमबी में 60 प्रतिशत का हिस्सेदार है और बीबीएमबी के समस्त अधिकारियों को वेतन का 60 प्रतिशत हिस्सा देता है। इसके बावजूद बीबीएमबी मैनेजमेंट केंद्र के इशारे पर काम करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजेदार बात यह है कि बीबीएमबी मैनेजमेंट ने पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जो वकील किए हुए हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा पंजाब सरकार को देना पड़ेगा। यानी फीस भी हम दे रहे हैं और वकील हमारे ही खिलाफ केस लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज जैसे ही उन्हें पता चला कि बीबीएमबी चेयरमैन मनोज त्रिपाठी गुपचुप ढंग से नंगल डैम से पानी छोड़ने आ रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत अपने मंत्रियों को वहां पहुंचने को कहा और खुद भी यहां आ गए।