जिस कंपनी पर मिठाइयों के खराब निकलने के लिए पेनल्टी लगाई, उसी को कड़ी शर्तों के साथ इस दिवाली के लिए भी मिठाइयां बनाने का काम दिया गया है। मशीनरी की कमी के चलते मिल्कफेड अपने कारीगर नहीं रख सका है। हालांकि, अगली दिवाली के लिए यह खुद मिठाइयां बनाएगा। मिल्कफेड ने इस बार कंपनी को 500 क्विंटल मिठाई बनाने का काम दिया है।