प्रदेश के स्कूलों में करीब 1,300 कंप्यूटर शिक्षक आउटसोर्स के आधार पर नियुक्त हैं। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण अदालत को रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करना आवश्यक है। कोर्ट ने मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए याचिका को स्वीकार किया। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता हिमाचल प्रदेश के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में दो दशकों से अधिक समय से कंप्यूटर शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। उन्हें स्वतंत्र एजेंसियों की ओर से नियोजित किया गया है, जो राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर स्कूलों में विषय पढ़ाने के लिए नियुक्त किए गए हैं।