पीली चोंच वाले पक्षी अल्पाइन चॉफ से सीख लेकर वैज्ञानिकों ने बौद्ध धर्मानुयायियों में पवित्र माना जाने वाला पेड़ शुकपा उगाने में कामयाबी हासिल की है। गोबर में उपचार से यह संभव हुआ है। यह हिमाचल और लद्दाख के शीत मरुस्थल का प्रमुख पेड़ है। मानवीय प्रयासों से इसे उगाने में सफलता नहीं मिल रही थी। प्राकृतिक तरीके से यह पेड़ पीली चोंच वाले पक्षी अल्पाइन चॉफ की मदद से उगता रहा है। यह पक्षी शुकपा के फल खाता है तो बीज की डोरमेंसी इसके पेट में खत्म हो जाती है। फिर पक्षी जहां-जहां भी बीठ करता है, वहां-वहां इसके मिट्टी में मिलने पर यह खुद पैदा हो जाता है। इस पक्षी की बीट तो ज्यादा मात्रा में उपलब्ध नहीं होती है, पर अनुसंधानकर्ताओं ने शुकपा के बीजों की प्रसुप्तावस्था को तोड़ने के लिए गाय के गोबर में रखकर सफल प्रयोग किए।