हिमाचल में कॉमर्शियल लीज और महंगी हो सकती है। राज्य सरकार ने लीज नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर ली है। कैबिनेट में चर्चा के बाद इसका प्रारूप विधि विभाग की सलाह के लिए भेजा है।
राजस्व विभाग पहली बार कॉमन लीज नियम बनाने जा रहा है। इस में कॉमर्शियल यूज के रेट अलग-अलग होंगे।
हिमाचल में पहले 1993 के लीज नियम थे। पूर्व भाजपा सरकार ने इनमें 2011 में संशोधन कर सब-लीज का प्रावधान जोड़ा। इससे कॉमर्शियल यूज की मंजूरी मिल गई लेकिन इस संशोधन को वर्तमान कांग्रेस सरकार निरस्त कर चुकी है।
इसलिए नए नियम बनाये जा रहे हैं। इसमें मुख्य बदलाव कॉमन लीज रूल्स के रूप में है। पहले भूमि की किस्म के आधार पर लीज नियम लागू किये जाते रहे हैं। अब लीज दरें इसके इस्तेमाल के उद्देश्य अनुसार वसूली जाएंगी।
कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए लीज मनी भी बढ़ेगी। मंदिर, ट्रस्ट, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के लिए अलग-अलग दरें होंगी। बिजली या अन्य बड़े प्रोजेक्टों के लिए दरें अलग होंगी। मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस पर फैसला हो सकता है। 2011 के नियमों को निरस्त करने के कारण सरकार पर भी जल्दी ये नियम अधिसूचित करने का दबाव है।
प्रधान सचिव (राजस्व) तरुण श्रीधर ने कहा कि नए लीज रूल्ज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसका ड्राफ्ट विधि विभाग को भेजा है। इसके बाद दोबारा इन्हें कैबिनेट में रखा जाएगा।