हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले पर विस्तृत चर्चा हुई है। उद्योग विभाग ने सरकार के समक्ष चार ऑप्शन रखे हैं। इसमें पार्क बनाने के लिए या तो सरकार पैसा दे या फिर इसका निर्माण कार्य पीपीपी मोड पर किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग कुछ जमीन लीज पर देकर एकत्र राशि से पार्क का निर्माण कर सकता है। प्रदेश सरकार ने इसको लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी गठित की है। कमेटी पहले नालागढ़ डिवाइस पार्क जमीन का निरीक्षण करेगी। उसके बाद सचिवालय में उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। फिर मामले को दोबारा से कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। उसके बाद ही इस पर निर्णय लिया जाना है। उल्लेखनीय है कि नालागढ़ के मझौली में 1,623 बीघा जमीन पर मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जाना है। इसमें मेडिकल डिवाइस पार्क पर 349 करोड़ रुपये व्यय होने हैं। अभी तक जमीन समतल करने में 134 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में चार विकल्प सुलझाए गए हैं। अब नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क का दौरा किया जाना है। उसके बाद रिपोर्ट तैयार कर कैबिनेट की बैठक में लाई जाएगी।