इसमें पाया गया कि इन सभी फर्मों ने आईटी प्रोडक्ट्स, टीवी पैनल्स और स्क्रैप का कारोबार दिखाया है। इन फर्मों में जो दस्तावेज मिले हैं, उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड जीएसटी नंबर लेने के लिए इस्तेमाल हुए हैं जोकि यूपी और हरियाणा से बताए हैं, जो आजतक नोटिस देने पर विभाग में उपस्थित नहीं हुए। दक्षिण प्रवर्तन जोन के संयु्क्त आयुक्त राज्य कर व आबकारी जीडी ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त फर्मों में इसी माह दबिश दी गई और ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कहा कि बिलों के फर्जीवाड़े को उजागर करने के लिए गठित टीमें जिला शिमला, सिरमौर व सोलन से बुलाई गई थीं। इन टीमों ने पांच फर्मों में एक साथ कार्रवाई कार्रवाई को अंजाम दिया। संयुक्त आयुक्त ने यह भी बताया कि उक्त फर्मों ने अपने रजिस्टर्ड जीएसटी में काम कुछ दिखाया और व्यापार कुछ और किया।
उन्होंने बताया कि इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड है, जो इन फर्मों को चला रहा है। इसे लेकर भी एक अलग जांच चल रही है। इस कार्रवाई में तीनों जिलों के सहायक आयुक्त पूनम ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, मोनिका अत्रिय, गुरबचन सिंह, विपिन पोसवाल के अलावा राज्य कर अधिकारी विजय कुमार, मनोज सचदेवा, ध्यान सिंह, दिग्विजय, रीमा सूद, कुस्मिता, मुक्ता, लेखराज व कार्यालय स्टाफ तरसेम, रमेश शामिल रहे।
तुर्किये से सेब आयात इसी सीजन में किया जाए बंद
शिमला। हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी के महासचिव राजेश धांटा ने कहा कि तुर्किये के सेब का भारत में आयात बंद होने से हिमाचल के सेब उत्पादकों को लाभ होगा। शुक्रवार को हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी के बैनर तले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से हुई मुलाकात में तुर्किये से सेब आयात बंद करने का आश्वासन मिला है। सोसायटी ने केंद्र सरकार से तुरंत तुर्किये से सेब आयात बंद करने का मांग उठाई है ताकि इसी सेब सीजन से हिमाचल के सेब उत्पादकों को राहत मिल सके।