फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: आईजीएमसी शिमला को मिलेगी 300 नर्सें, आउटसोर्स पर होगी तैनाती; अस्पतालों में चल रही है कमी

Tue, 17 Jun 2025 05:56 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

आईजीएमसी शिमला को जल्द नई नर्सें मिलेंगी। आईजीएमसी में नर्सों का टोटा है। एक वार्ड में जहां तीन से चार नर्सें होनी चाहिए। वहां एक से दो नर्सें वार्ड का जिम्मा संभाले हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर/आईजीएमसी शिमला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) को जल्द ही 300 नर्सें मिलेगी। यह भर्ती आउटसोर्स पर होगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तीन कंपनियों को टेंडर आवंटित किए हैं। इसके अलावा टांडा, हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरा जाना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं।

विज्ञापन


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नर्स और मरीज का रेशो एक अनुपात दो से एक अनुपात पांच तक होना चाहिए। जबकि प्रदेश के अस्पतालों में 15 से 18 मरीजों पर एक स्टाफ नर्स है। सीसीयू और आईसीयू में तीन से चार मरीजों पर एक स्टाफ नर्स है। जबकि एक से दो मरीज पर होनी एक चाहिए। इस आधार पर प्रदेश के अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के नए पद सृजित होने चाहिए। यही नहीं बहुत से अस्पतालों के बिस्तरों की संख्या को बढ़ाया गया है। बिस्तर बढ़ने के साथ स्टाफ नर्सों के पदों को उस आधार पर नहीं बढ़ाया गया है।

ये भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश: चलती एसयूवी से स्टंट करते नजर आए युवक, दूसरी तरफ बाइक सवार ने स्टंट करते हुए कार को मारी टक्कर
विज्ञापन


आईजीएमसी में नर्सों का टोटा है। एक वार्ड में जहां तीन से चार नर्सें होनी चाहिए। वहां एक से दो नर्सें वार्ड का जिम्मा संभाले हुए हैं। नर्सों को छुट्टियां तक नहीं मिल पा रही हैं। मेडिकल एसोसिएशन ने भी सरकार के समक्ष स्टाफ की कमी की विस्तृत रिपोर्ट दी है। अब सरकार की ओर से इन रिक्तियों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जा रहा है।
विज्ञापन


उधर, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सों की भर्ती की जा रही है। आईजीएमसी में इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी यह भर्ती होनी है। स्टाफ की तैनाती से मरीजों और अन्य स्टाफ की परेशानी कम हो जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें