हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक स्टेनोग्राफर को राहत देते हुए उनकी वरिष्ठ स्केल स्टेनोग्राफर के पद पर पदोन्नति को बरकरार रखा है। न्यायालय ने प्रतिवादियों (राज्य) को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता को 22 अक्तूबर 2016 से वरिष्ठ स्केल स्टेनोग्राफर के रूप में जारी रखें और सभी परिणामी लाभ प्रदान करें। विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने भर्ती और पदोन्नति नियमों में उस शर्त को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के लिए कहा गया था। अदालत ने इसे असंभव करार दिया।