हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती मामले में स्पष्ट किया है कि निदेशक (महिला एवं बाल विकास) की ओर से जारी कोई प्रशासनिक स्पष्टीकरण से अभ्यर्थी का हक नहीं छीना जा सकता है। ऐसे प्रशासनिक स्पष्टीकरण से सरकार की ओर से अधिसूचित मूल भर्ती नियमों व दिशा-निर्देशों को बदल या दबा नहीं सकता। अदालत ने अपीलीय प्राधिकरण के 30 मई 2023 के आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को दो बेटियों और कोई बेटा न होने की श्रेणी में 2 अतिरिक्त अंक प्रदान कर पद पर नियुक्ति और सभी परिणामी लाभ दिए जाएं। 6 महीने के भीतर अगर लाभ देने में असफल रहने पर 6 फीसदी वार्षिक दर से साधारण ब्याज देना होगा।