यह मामला वर्ष 2021 में मंडी जिले के ग्राम पंचायत गोपालपुर के आंगनबाड़ी केंद्र मोहिन-1 में सहायिका पद के लिए हुए साक्षात्कार से संबंधित है। साक्षात्कार में चयनित अभ्यर्थी प्रतिवादी चंपा देवी को 25 में से 16 अंक मिले, जबकि याचिकाकर्ता प्रोमिला देवी को 15.50 अंक दिए गए।याचिकाकर्ता के पास केवल दो बेटियां थी और कोई बेटा नहीं था। वर्ष 2016 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी महिला को 2 अतिरिक्त अंक मिलने चाहिए थे। यदि ये 2 अंक जुड़ते, तो याचिकाकर्ता के कुल अंक 17.50 हो जाते और वह सबसे शीर्ष स्थान पर आ जाती। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि 4 जून 2018 के एक प्रशासनिक स्पष्टीकरण के तहत यह 2 अंक केवल उन्हीं परिवारों को देय हैं, जिन्होंने 1 या 2 बेटियों के जन्म के बाद स्थायी परिवार नियोजन अपनाया हो।