फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: लावारिस कुत्तों पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, विभागीय अफसरों, एनएचएआई से जवाब तलब

Wed, 15 Jul 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
लावारिस कुत्ते(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 हिमाचल प्रदेश में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या और उनके प्रभावी प्रबंधन को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन

7 अगस्त 2026 तक ताजा अनुपालन हलफनामा दाखिल करें: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2026 को सू मोटो रिट याचिका (सिविल) संख्या 5/2025 में पारित आदेश के माध्यम से लावारिस कुत्तों से जुड़े मामलों की निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों के हाईकोर्ट को सौंपी है। इसके तहत अब प्रत्येक राज्य का हाईकोर्ट स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी करेगा। खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के सचिवों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 7 अगस्त 2026 तक ताजा अनुपालन हलफनामा दाखिल करें।

अदालत ने एनएचएआई को भी दिए निर्देश
अदालत ने एनएचएआई को भी उसके क्षेत्रीय अधिकारी के माध्यम से पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भी मामले में प्रतिवादी बनाया गया है। मंत्रालय को भी निर्धारित समय के भीतर अपना अनुपालन हलफनामा दाखिल करना होगा। हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार कार्यालय को निर्देश दिया है कि लावारिस कुत्तों की समस्या से संबंधित वे सभी पुरानी जनहित याचिकाएं, जिन्हें पहले सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया था, उन्हें वापस मंगाकर वर्तमान जनहित याचिका के साथ संलग्न किया जाए।

रजिस्ट्रार जनरल को समेकित रिपोर्ट तैयार करने को कहा
खंडपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को यह भी निर्देश दिए हैं कि अगले चार महीनों के भीतर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से उठाए गए कदमों की समेकित रिपोर्ट तैयार की जाए। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में 17 नवंबर 2026 को प्रस्तावित अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले प्रस्तुत की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में 24 अगस्त 2026 को होगी।
विज्ञापन

हिमाचल में 76,933 लावारिस कुत्ते
राज्य अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में कुत्तों की कुल संख्या 1.75 लाख है। इनमें 76,933 हजार लावारिस हैं। सबसे ज्यादा 18,118 लावारिस कुत्ते कांगड़ा में हैं जबकि शिमला में 6734, सोलन में 6621, बिलासपुर में 6406, हमीरपुर में 5653, मंडी में 4996, ऊना में 4411, चंबा में 3702, कुल्लू में 3115, सिरमौर में 2353, किन्नौर में 1608, लाहौल-स्पीति में 1503 लावारिस कुत्ते हैं। तीन साल में 31 अक्तूबर 2025 तक 3,26,170 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इनमें रैबीज से संदिग्ध मौतों की संख्या 11 रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें